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India vs Australia: Pujara shows heroic patience for India, but no one followed his lead…

Ind vs Aus 1st Test match Story Pattern: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड ओवल मैदान पर जारी पहले टेस्ट मैच के पहले दिन गुरुवार (6 दिसंबर) को  विकेटों के पतझड़ के बीच एक छोर संभाले रहते हुए शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने 123 रनों की इस पारी को अपनी शीर्ष पांच पारियों में शामिल किया है। पुजारा ने पहले सत्र से विकेट पर पैर जमाया और 246 गेंदों पर सात चौके और दो छक्के लगाए। वह रन आउट हुए और इसी के साथ दिन का खेल खत्म होने की घोषणा कर दी गई। भारत ने दिन का अंत नौ विकेट के नुकसान पर 250 रनों के साथ किया। पुजारा ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं इस पारी को टेस्ट में अपनी शीर्ष-5 पारियों में रखता हूं। मैं नहीं कह सकता कि यह सर्वश्रेष्ठ थी। मेरी टीम के खिलाड़ियों ने मेरी पारी को काफी सराहा और कहा कि यह मेरी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है।”
आखिरी सत्र में भारत के सिर्फ चार विकेट बाकी थे। पुजारा ने माना कि तीसरे सत्र में बल्लेबाजी करना मुश्किल था। पुजारा ने कहा, “तीसरा सत्र मुश्किल था। लेकिन मैं सेट था और अपने शॉट खेल सकता था। हमने सात विकेट खो दिए थे। मैं और अश्विन अच्छा खेल रहे थे और हमारे बीच साझेदारी भी अच्छी हो रही थी। जब अश्विन का विकेट गिरा तो मुझे लगा कि मुझे तेजी से रन बनाने होंगे। मैं जानता था कि इस विकेट पर मैं किस तरह के शॉट खेल सकता हूं। मैं दो सत्र खेल चुका था। मौसम को देखते हुए हालांकि तीसरा सत्र मुश्किल था। मौसम गर्म थी हालांकि हम भारत में इस तरह के मौसम के आदि हैं।”
पुजारा रन आउट होकर पवेलियन लौटे। उन्हें इस बात की निराशा है लेकिन पुजारा ने कहा कि उनके लिए वह रन लेना जरूरी था। पुजारा के मुताबिक, “रन आउट होना निराशाजनक था लेकिन मुझे वह एक रन लेना पड़ा क्योंकि सत्र की आखिरी दो गेंदें बची थीं। मुझे लगा था कि मुझे स्ट्राइक पर रहना चाहिए।”
भारत का शीर्ष क्रम पहले सत्र में ही पवेलियन में बैठ चुका था। इस पर पुजारा ने कहा कि शीर्ष क्रम ने गलतियं की लेकिन दूसरी पारी में कोशिश उन गलतियों को सुधारने की होगी। उन्होंने कहा, “मैं ईमानदारी से कहूं तो पहले दो सत्र में हम अच्छी बल्लेबाजी कर सकते थे। उन्होंने भी अच्छी गेंदबाजी की। मैं जानता था कि मुझे धैर्य के साथ खेलने की जरूरत है और खराब गेंद का इस्तेमाल करना है। उन्होंने भी अच्छी जगहों पर गेंदबाजी की, लेकिन हमारा ऊपरी क्रम अच्छी बल्लेबाजी कर सकता था। हम गलतियों से सीखेंगे।”
पुजारा का मानना है कि भारत का यह स्कोर अच्छा है जो ऑस्ट्रेलिया के परेशानी में डाल सकता है क्योंकि विकेट पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं है।उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि यह अच्छा स्कोर है क्योंकि विकेट में अच्छी खासी स्पिन है। हमारे पास अश्विन हैं। यह बल्लेबाजी के लिए आसान विकेट नहीं है। पहले दो सत्रों में मैं गेंदबाजी कर रहा था तो पता चला कि यह बल्लेबाजी के लिए आसान विकेट नहीं है। मैं गेंदबाजों से अपना अनुभव साझा करूंगा।” पुजारा के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वह विदेशों में अच्छी बल्लेबाजी नहीं कर पाते हैं और भारत में ही अधिकतर रन बनाते हैं।

इस पर पुजारा ने जबाव देते हुए कहा, “मेरे लिए यह अच्छी पारी रही है। यहां मैं कहना चाहूंगा कि लोग बाग कहते हैं कि मैंने भारत में ज्यादा रन बनाए हैं, लेकिन आपको साथ ही यह देखना होगा कि हमने भारत में ज्यादा टेस्ट भी खेले हैं। ऐसे में जाहिर सी बात है कि मैं भारत में ज्यादा रन बनाऊंगा। एक समय था जब मैं विदेशों में अच्छा नहीं कर रहा था, लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि मैं हर परस्थिति में अच्छा कर सकता हूं। मुझे काउंटी क्रिकेट खेलने से फायदा हुआ है।”
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(साभार :  एजेन्सी / संवाददाता  / अन्य न्यूज़ पोर्टल )

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